Petrol Price Today 25 सितंबर 2025 की ताज़ा जानकारी जारी हो गई है। कारDekho के अनुसार भारत के प्रमुख शहरों में पेट्रोल की दरें मामूली उतार-चढ़ाव के साथ स्थिर बनी हुई हैं। पेट्रोल-डीजल की कीमतें रोज़ाना सुबह 6 बजे अपडेट की जाती हैं और यह अंतरराष्ट्रीय बाजार, टैक्स ढांचे और वितरण लागत पर निर्भर करती हैं।
आज 25 सितंबर 2025 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल रेट
- नई दिल्ली: ₹94.77 प्रति लीटर
- मुंबई: ₹103.50 प्रति लीटर
- कोलकाता: ₹105.41 प्रति लीटर
- चेन्नई: ₹100.90 प्रति लीटर
- बेंगलुरु: ₹102.55 प्रति लीटर
- हैदराबाद: ₹107.46 प्रति लीटर
- जयपुर: ₹104.41 प्रति लीटर
- लखनऊ: ₹94.69 प्रति लीटर
- चंडीगढ़: ₹94.30 प्रति लीटर
- पटना: ₹105.23 प्रति लीटर
इन दरों से साफ है कि हर राज्य और शहर में टैक्स और ट्रांसपोर्टेशन लागत के कारण कीमतें अलग-अलग होती हैं।
कीमतें कैसे तय होती हैं?
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें Oil Marketing Companies (OMCs) जैसे IOCL, HPCL और BPCL तय करती हैं। ये कंपनियाँ अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, डॉलर-रुपया विनिमय दर और टैक्स को ध्यान में रखकर दरें तय करती हैं।
- क्रूड ऑयल की कीमतें: वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की दर सीधे भारत की कीमतों को प्रभावित करती हैं।
- एक्सचेंज रेट: डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति भी कीमतों को तय करती है।
- केंद्र और राज्य कर: एक्साइज ड्यूटी और वैट सबसे बड़ा हिस्सा बनाते हैं।
- डिस्ट्रीब्यूशन और ट्रांसपोर्ट: तेल को रिफाइनरी से डीलर पंप तक पहुंचाने में लगने वाली लागत।
पेट्रोल रेट अपडेट का इतिहास
भारत में पहले पेट्रोल और डीजल की कीमतें हर महीने की 1 और 16 तारीख को संशोधित होती थीं। लेकिन जून 2017 से इस सिस्टम को बदलकर रोज़ाना सुबह 6 बजे दरें अपडेट करना शुरू किया गया।
इससे कीमतें ज्यादा पारदर्शी हो गई हैं और अंतरराष्ट्रीय उतार-चढ़ाव का असर जल्दी दिखाई देता है।
शहर-दर-शहर तुलना
पेट्रोल रेट शहरों के हिसाब से अलग-अलग क्यों होते हैं?
- दिल्ली: ₹94.77 प्रति लीटर — सबसे किफायती दरों में से एक।
- मुंबई: ₹103.50 प्रति लीटर — राज्य करों की वजह से ऊँची कीमत।
- हैदराबाद: ₹107.46 प्रति लीटर — सबसे महंगे शहरों में गिना जाता है।
- चेन्नई: ₹100.90 प्रति लीटर — दक्षिण भारत में औसत कीमत।
- पटना: ₹105.23 प्रति लीटर — टैक्स स्ट्रक्चर की वजह से ऊँची दर।
उपभोक्ता पर असर
पेट्रोल की कीमतें सीधे आम आदमी के बजट और रोज़मर्रा के खर्चों को प्रभावित करती हैं।
- ट्रांसपोर्ट और कैब किराए में वृद्धि।
- लॉजिस्टिक्स महंगे होने से सामान की कीमत पर असर।
- किसानों के लिए मशीनरी और सिंचाई खर्च बढ़ना।
- सरकारी और निजी बस सेवाओं के किराए में संभावित बदलाव।
भविष्य की संभावनाएँ
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल की कीमतें स्थिर रहीं तो भारत में दरें भी स्थिर रह सकती हैं। लेकिन अगर OPEC उत्पादन घटाता है या डॉलर मजबूत होता है, तो पेट्रोल-डीजल की दरें फिर से बढ़ सकती हैं।
सरकार की नीति, टैक्स स्ट्रक्चर और ऊर्जा विकल्पों (जैसे इलेक्ट्रिक वाहन और CNG) का भी आने वाले समय में बड़ा असर पड़ेगा।
निष्कर्ष
25 सितंबर 2025 के लिए पेट्रोल की दरों ने एक बार फिर साबित किया है कि भारत में ईंधन कीमतें अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों कारकों से जुड़ी हैं। उपभोक्ताओं के लिए यह ज़रूरी है कि वे रोज़ाना सुबह 6 बजे के बाद नए रेट्स पर नज़र रखें और अपने खर्च का प्लान उसी के अनुसार करें।

