भारत में Fuel Price Today:पेट्रोल, डीज़ल और CNG की कीमतें आम आदमी की जेब से लेकर देश की अर्थव्यवस्था तक असर डालती हैं। आज के ताज़ा रेट्स के अनुसार दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों में फ्यूल के दाम इस प्रकार हैं:
आज के प्रमुख शहरों में पेट्रोल कीमतें (₹/L)
| शहर | कीमत |
|---|---|
| Ahmedabad | ₹94.49 |
| Bangalore | ₹102.92 |
| Chennai | ₹100.9 |
| Gurgaon | ₹95.18 |
| Hyderabad | ₹107.46 |
| Jaipur | ₹104.69 |
| Kolkata | ₹105.41 |
| Lucknow | ₹94.69 |
| Mumbai | ₹103.5 |
| New Delhi | ₹94.77 |
| Noida | ₹94.77 |
| Pune | ₹104.57 |
आज के प्रमुख शहरों में डीज़ल कीमतें (₹/L)
| शहर | कीमत |
|---|---|
| Ahmedabad | ₹90.17 |
| Bangalore | ₹90.99 |
| Chennai | ₹92.48 |
| Gurgaon | ₹87.65 |
| Hyderabad | ₹95.7 |
| Jaipur | ₹90.18 |
| Kolkata | ₹92.02 |
| Lucknow | ₹87.81 |
| Mumbai | ₹90.03 |
| New Delhi | ₹87.67 |
| Noida | ₹87.89 |
| Pune | ₹91.08 |
आज के प्रमुख शहरों में CNG कीमतें (₹/Kg)
| शहर | कीमत |
|---|---|
| Ahmedabad | ₹82.38 |
| Bangalore | ₹89 |
| Chennai | ₹91.5 |
| Gurgaon | ₹82.12 |
| Hyderabad | ₹96 |
| Jaipur | ₹91.91 |
| Mumbai | ₹77 |
| New Delhi | ₹76.09 |
| Noida | ₹84.7 |
| Pune | ₹92.5 |
फ्यूल प्राइस क्यों बदलते हैं?
भारत में फ्यूल प्राइस रोज़ बदलते हैं क्योंकि ये इंटरनेशनल क्रूड ऑयल प्राइस, टैक्सेशन, ट्रांसपोर्ट कॉस्ट और करेंसी एक्सचेंज पर निर्भर करते हैं।
फायदे (Pros)
- CNG अब भी सबसे किफायती और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प है।
- टैक्स से सरकार को राजस्व मिलता है जिसका उपयोग विकास कार्यों में होता है।
- बढ़ती कीमतें लोगों को EV और Hybrid विकल्पों की ओर आकर्षित कर रही हैं।
नुकसान (Cons)
- डीज़ल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट कॉस्ट बढ़ती है और महंगाई पर असर पड़ता है।
- आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ता है।
- लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्री पर नकारात्मक असर पड़ता है।
बाज़ार की स्थिति
वर्तमान में क्रूड ऑयल $80-90 प्रति बैरल के बीच है। रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होने पर आयात महंगा हो जाता है। EV और Hybrid वाहनों का विस्तार हो रहा है, जिससे भविष्य में फ्यूल पर निर्भरता घट सकती है।
निष्कर्ष
भारत में पेट्रोल-डीज़ल और CNG की कीमतें आम आदमी और अर्थव्यवस्था दोनों पर असर डालती हैं। फिलहाल CNG थोड़ा सस्ता विकल्प है, लेकिन EV आने वाले वर्षों में सबसे बड़ा समाधान बनकर उभर सकते हैं।

