Volkswagen Group 2025 Sales Growth रिपोर्ट: मामूली वृद्धि, लेकिन इलेक्ट्रिक भविष्य की तैयारी तेज़
जर्मनी की प्रतिष्ठित ऑटोमोबाइल कंपनी Volkswagen Group ने 2025 के पहले नौ महीनों (जनवरी–सितंबर) की अपनी वैश्विक बिक्री रिपोर्ट जारी की है। कंपनी ने इस अवधि में कुल 6.6 मिलियन वाहनों की डिलीवरी की — जो 2024 की समान अवधि की तुलना में लगभग 1% की मामूली वृद्धि को दर्शाती है।
- Volkswagen Group 2025 Sales Growth रिपोर्ट: मामूली वृद्धि, लेकिन इलेक्ट्रिक भविष्य की तैयारी तेज़
- 📊 ग्लोबल प्रदर्शन का विस्तृत विश्लेषण
- 🏢 ब्रांड-वार प्रदर्शन
- 🔋 इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का बढ़ता प्रभाव
- 💰 वित्तीय स्थिति और लाभप्रदता
- 🇮🇳 भारतीय बाजार का दृष्टिकोण
- ⚠️ चुनौतियाँ और जोखिम
- 📈 Automobile9 की राय — “स्थिरता का वर्ष, बदलाव की तैयारी”
- ⚙️ निष्कर्ष
यह आंकड़ा पहली नज़र में स्थिरता का संकेत देता है, लेकिन गहराई से विश्लेषण करने पर यह स्पष्ट होता है कि Volkswagen Group इस वर्ष “संतुलन बनाए रखने” की स्थिति में है — जहां यूरोप और दक्षिण अमेरिका के बाज़ारों ने मजबूत प्रदर्शन किया, वहीं चीन और उत्तरी अमेरिका में बिक्री घटने से समूह को झटका लगा।
📊 ग्लोबल प्रदर्शन का विस्तृत विश्लेषण
Volkswagen Group की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी से सितंबर 2025 के बीच निम्नलिखित प्रमुख रुझान सामने आए:
- कुल डिलीवरी: 6.60 मिलियन यूनिट (+1.0% YoY)
- यूरोप: 2.9 मिलियन यूनिट (+4.1%)
- चीन: 2.26 मिलियन यूनिट (–4.0%)
- दक्षिण अमेरिका: 481,800 यूनिट (+14.9%)
- उत्तरी अमेरिका: 708,800 यूनिट (–7.8%)
स्पष्ट रूप से, यूरोप और दक्षिण अमेरिका के सकारात्मक प्रदर्शन ने चीन और अमेरिका की गिरावट को कुछ हद तक संतुलित किया। चीन में प्रीमियम कार सेगमेंट में स्थानीय ब्रांड्स की तेजी से बढ़ती प्रतिस्पर्धा और EV सेगमेंट में Tesla तथा BYD जैसी कंपनियों का वर्चस्व VW के लिए बड़ी चुनौती बन रहा है।
🏢 ब्रांड-वार प्रदर्शन
Volkswagen Group में Audi, Porsche, Skoda, SEAT, CUPRA और Bentley जैसे ब्रांड शामिल हैं। 2025 में इनमें मिश्रित परिणाम देखने को मिले:
- Škoda: +14.1% की प्रभावशाली वृद्धि के साथ यूरोप में मजबूत पकड़ बनाई।
- CUPRA और SEAT: स्पोर्ट्स सेगमेंट में बढ़िया प्रदर्शन करते हुए +12% बढ़े।
- Audi: –3% गिरावट के साथ कमजोर रही, खासकर चीन और अमेरिका में।
- Porsche: लग्जरी सेगमेंट में स्थिर, लेकिन EV प्रतिस्पर्धा से दबाव में।
- Bentley और Lamborghini: सीमित उत्पादन के बावजूद लाभदायक बने रहे।
समूह के प्रमुख ब्रांड Volkswagen Passenger Cars की बिक्री लगभग स्थिर रही, जो बताता है कि मुख्यधारा उपभोक्ता बाजार में VW को नवाचार और कीमतों दोनों में और आक्रामक होना पड़ेगा।
🔋 इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का बढ़ता प्रभाव
Volkswagen Group के लिए 2025 EV संक्रमण का निर्णायक वर्ष साबित हो रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने इस अवधि में 717,500 इलेक्ट्रिक वाहनों की डिलीवरी की — जो 2024 की तुलना में +41.7% की शानदार वृद्धि है।
सबसे ज्यादा डिमांड यूरोप से आई है, जहां VW ID.4 और Skoda Enyaq जैसे मॉडल्स को ग्राहकों ने हाथों-हाथ लिया। वहीं, चीन में Volkswagen ID.3 और ID.7 ने उम्मीद से कम प्रदर्शन किया।
कंपनी का लक्ष्य है कि 2030 तक उसकी 70% वैश्विक बिक्री इलेक्ट्रिक वाहनों की हो। इसके लिए ग्रुप ने कई नई योजनाएँ बनाई हैं, जैसे:
- VW Trinity प्रोजेक्ट — फ्यूचरिस्टिक EV आर्किटेक्चर पर आधारित।
- Audi Q6 e-tron और Porsche Macan Electric जैसे हाई-एंड मॉडल्स।
- चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार और 100% कार्बन न्यूट्रल मैन्युफैक्चरिंग।
💰 वित्तीय स्थिति और लाभप्रदता
Volkswagen Group ने अपनी वित्तीय रिपोर्ट में बताया कि 2025 की पहली तीन तिमाहियों में कंपनी की राजस्व वृद्धि लगभग +3% रही।
हालांकि, ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन 2024 के 5.6% से घटकर 4.8% पर आ गया। इसका मुख्य कारण था —
- चीन में घटती मांग,
- कच्चे माल की लागत में वृद्धि,
- और EV उत्पादन के लिए चल रहे भारी निवेश।
फिर भी, कंपनी ने सकारात्मक नकद प्रवाह बनाए रखा है और 2026 से लाभप्रदता में सुधार की उम्मीद जताई है।
🇮🇳 भारतीय बाजार का दृष्टिकोण
भारत में Volkswagen Group (Volkswagen, Skoda, Audi) की बिक्री 2025 में धीरे-धीरे बढ़ रही है। Skoda Slavia और VW Virtus जैसे मॉडल्स ने मिड-सेगमेंट में अच्छी पकड़ बनाई है। वहीं, Kushaq और Taigun जैसी SUVs भी लोकप्रिय हैं।
हालांकि, Hyundai, Kia और Tata जैसी कंपनियों के कड़े मुकाबले में VW को मार्केट शेयर बनाए रखने में चुनौतियाँ हैं।
VW India अब इलेक्ट्रिक रणनीति पर फोकस कर रही है — 2026 में Skoda Enyaq iV और Volkswagen ID.4 लॉन्च करने की योजना है। इससे कंपनी भारतीय EV मार्केट में भी एंट्री लेगी, जो 2030 तक तेज़ी से बढ़ने वाला है।
⚠️ चुनौतियाँ और जोखिम
Volkswagen Group को आगे कई कठिनाइयों से जूझना होगा:
- चीन में घरेलू EV ब्रांड्स जैसे BYD, NIO, XPeng से कड़ी प्रतिस्पर्धा।
- अमेरिका में Tesla के मुकाबले ब्रांड पहचान बनाए रखना।
- EV ट्रांज़िशन के दौरान भारी निवेश और प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव।
- वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में चिप संकट और लॉजिस्टिक देरी।
हाल ही में Volkswagen ने जर्मनी में अपने कुछ प्लांट्स में Golf और Tiguan के उत्पादन को अस्थायी रूप से रोका — जिसे कंपनी ने “इन्वेंटरी मैनेजमेंट” बताया, हालांकि उद्योग विशेषज्ञ इसे सप्लाई चेन समस्याओं से जोड़ रहे हैं।
📈 Automobile9 की राय — “स्थिरता का वर्ष, बदलाव की तैयारी”
Automobile9 के विश्लेषण के अनुसार, Volkswagen Group का 2025 वर्ष “स्थिरता और पुनर्गठन” का प्रतीक है।
जहाँ कंपनी ने वैश्विक स्तर पर गिरावट से बचते हुए मामूली वृद्धि दिखाई है, वहीं यह स्पष्ट है कि EV सेगमेंट और लागत प्रबंधन आने वाले वर्षों में कंपनी की सफलता तय करेंगे।
भारत जैसे उभरते बाजारों के लिए VW को अपनी “प्रीमियम इमेज” के साथ-साथ “अफोर्डेबल इनोवेशन” पर भी फोकस करना होगा। अगर VW स्थानीय स्तर पर उत्पादन और सर्विस नेटवर्क को मजबूत करती है, तो अगले 3 वर्षों में उसका भारतीय मार्केट शेयर दोगुना हो सकता है।
⚙️ निष्कर्ष
Volkswagen Group की 2025 रिपोर्ट दिखाती है कि कंपनी अभी भी अपनी पुरानी मजबूती बनाए हुए है, लेकिन आने वाला दशक उसके लिए “EV ट्रांसफॉर्मेशन” का होगा।
- यूरोप और दक्षिण अमेरिका ने मजबूती दी है,
- चीन और अमेरिका चुनौती बने हुए हैं,
- EV डिलीवरी ने उम्मीदें जगाई हैं,
- और भारत एक बड़ा अवसर साबित हो सकता है।
कुल मिलाकर, 2025 Volkswagen के लिए “Transition Year” कहा जा सकता है — जिसमें उसने मुश्किल परिस्थितियों में भी संतुलन बनाए रखा है और इलेक्ट्रिक भविष्य की ओर अपने कदम मज़बूती से बढ़ाए हैं।
📚 स्रोत
- CarWale News
- Volkswagen Group Official Report
- Reuters Automotive Reports
- Automobile9 India Analysis
⚠️ Disclaimer
यह लेख केवल जानकारी और विश्लेषण के लिए है। वाहन की कीमतें, फीचर्स और उपलब्धता समय के साथ बदल सकती हैं। खरीदारी या निवेश से पहले अधिकृत डीलर से जानकारी प्राप्त करें।

